- देश में किसान आयोग के गठन की स्थापना — यह यूनियन की शुरू से सबसे बड़ी और प्राथमिक मांग रही है।
- देश के किसान को नीति के तहत कर्ज मुक्त होना चाहिए, ताकि वह फिर से कर्ज में न फंसे।
- सरकार जैविक खेती पर अधिक जोर दे और देश में जैविक क्रांति लाए, जिससे मवेशी सुरक्षित रहें और किसान भी खुशहाल हों।
- हर गांव में गौशाला और प्रत्येक गाय का राज्यवार पंजीकरण व ट्रैकिंग प्रणाली अनिवार्य हो, ताकि गायें सड़कों पर न आएं।
- दूध की गुणवत्ता पर सख्त कानून बने, मिलावट करने वालों को कड़ी सजा मिले।
- विधायक, सांसद आदि की पेंशन बंद की जाए और सभी को पुरानी पेंशन दी जाए।
- गन्ना भुगतान का डिजिटलीकरण हो, ताकि किसान को परेशानी न झेलनी पड़े।
- देश के सभी किसान नेताओं की जांच हो, जिन्होंने किसान को कर्ज में डुबाने में भूमिका निभाई है।
- न्यूनतम वार्षिक आय से कम आय वाले पत्रकार, किसान व मजदूर को ₹5000 प्रतिमाह भत्ता मिले।
- फसल की बिक्री सबसे पहले छोटे किसान की एमएसपी दर पर ली जाए।
उपरोक्त सभी मांगें राष्ट्रीय और राज्य स्तर की हैं, जिन्हें भारतीय किसान यूनियन भानु पूरा करा कर ही रहेगा और किसान-मजदूर को सम्मान दिलाएगा।