11 Mar 2023
BKUB
मेरा धैर्य बहुत है कब तक मापोगें।
धैर्य की शीतलता से भी तो मेरा,
एक दिन तुम ना कापोगें।
मैं त्याग ढोकर भी मुस्कुराऊंगा।
तुम स्वार्थ पाकर भी हापोगें।
मैं हर जगह दिखाई दूंगा
अनुपस्थति के बगैर भी, देख लेना तुम
तुम उपस्थति के बाबजूद भी
लोगो से मिलने को मीलो नापोगें।
"आशाएं"