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20 Nov 2022

Kisan Yojana

Kisan Yojana
1Pradhan Mantri Krishi Sinchai Yojana #PMKSY

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना का उद्देश्य क्षेत्र स्तर पर किसानों को सिंचाई में आने वाले निवेश में सब्सिडी

के रूप में सहयता प्रदान करना है. इस योजना से सरकार को खेती योग्य क्षेत्र में विस्तार करने, पानी की बर्बादी को कम करने, कृषि-जल उपयोग दक्षता में सुधार व सटीक-सिंचाई और अन्य जल प्रौद्योगिकियों को दुरुस्त करने एवं भूमि जल स्तर में सुधार करने में सफलता प्राप्त हो रही है.

  • प्रति बूंद अधिक फसल

  • जलवाही स्तर पुनर्भरण को बढ़ावा

  • शहरी कृषि के लिए नगरपालिका अपशिष्ट जल को उपचारित कर पुन: उपयोग

  • Pradhan Mantri Krishi Sinchayee Yojana का Official Portal https://pmksy.gov.in है.

  • Budget: US$379.8 Million Dollar(2600 Crore)

  • This PM Krishi Sinchai Yojana was Launched by prime minister Narendra Modi on 1st July 2015.

2 Pradhan Mantri Kisan Samman Nidhi Yojana 2020 #PMKSY

देश की सबसे चर्चित योजनाओं में से एक है प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना 2020

जिसके तहत सरकार हर योग्य किसानों के बैंक खाते में सालाना 6 हजार रुपए 2000-2000 की तीन किस्तों में direct transfer कर रही है. हल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 करोड़वें किसान के bank account में Pradhan Mantri Kisan Samman Nidhi Yojana 2020 की पहली और overall चौथी क़िस्त जमा की थी. इसी दिन PM मोदी ने एक बटन दबा कर कुल 8,000 crore रूपये किसनों के कहते में एक साथ ट्रांसफर किए थे, जो की भारत के इतिहास का सबसे बड़ा Govrnement trasction for the public hai.

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  • PM किसान सम्मान निधि योजना 1.12.2018 से चल रही है.

  • Pradhan Mantri Kisan Samman Nidhi (PM-KISAN) योजना केंद्र सरकार द्वार संचालित है जिसके लिए 100% funding Government of India द्वारा देय है.

  • इस योजना एक अंतरगत वो परिवार आते हैं जिनके घर में पति, पत्नी और नाबालिग बच्चे हैं.

  • योजना लाभ सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में स्थानांतरित किया जाता है.

  • किसान अपना Payment Status Farmer’s Portal (https://farmer.gov.in/) पर जान सकते हैं।

3 – 2020 – Kisan Urja Suraksha Utthaan Maha Abhiyaan #KUSUM

मोदी सरकार की कुसुम योजना उन किसानों के लिए है जो अपनी भूमि पर सोलर पैनल लगाकर

इससे बनने वाली बिजली का उपयोग खेती के लिए करना चाहते हैं अथवा सोलर पैनल लगाकर बिजली बनाने वाली Companies को अपनी भूमि किराये पर देकर आमदनी करना चाहते हैं।कुसुम योजना के तहत साल 2022 तक देश में तीन करोड़ सिंचाई पंप को बिजली या डीजल की जगह सौर ऊर्जा यन्त्र से बिजली बनाकर सिंचाई की आपूर्ति करना केंद्र सरकार का लक्ष्य है। कुसुम योजना के पहले चरण में सिर्फ उन किसानों को शामिल किया गया है जो सिंचाई के लिए डीजल पंप इस्तेमाल में लेते हैं। सरकार के एक अनुमान के मुताबिक इस तरह के 17.5 लाख सिंचाई पंप को सौर ऊर्जा यंत्रों से बदल दिया जायेगा. इससे सरकार को डीजल और कच्चे तेल की खपत और आयात को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।

4 – Pradhan Mantri Awas Yojana 2020 #PMAY

प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) शहरी एवं ग्रामीण गरीबों को किफायती आवास उपलब्ध कराये जाने

के लिए Central Government of India 25 June 2015 शुरू की गयी थी। इस योजना में 21st March 2022 तक गरीबों को सस्ती दर में 2 Crore घर बना कर देने का लक्ष्य रखा गया है।

PM Awas Yojana की विस्तार में जानकारी के लिए आप यंहा क्लिक करें – Pradhan Mantri Awas Yojana 2020

5 – 2020 – PM Kisan DBT Yojana

प्रधानमंत्री कृषि यंत्र अनुदान योजना किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग द्वारा संचालित

एक ऐसी योजना है जिसके तहत सरकार आपको कृषि यंत्रों की खरीद पर सब्सिडी प्रदान करती है। किसान ड्रिप सिस्टम, स्प्रिंकल सेट, ट्रेक्टर एवं अन्य खेती में काम आने वाले यंत्रों पर सब्सिडी के लिए आवेदन कर सकते हैं.

किसान मित्रों, हम आशा करते हैं की आपको हमारे द्वारा दी गयी किसानों की 5 बड़ी योजनाओं (latest Kisan Yojana 2020) के जानकारी पसंद आयी होगी और आप इनसे लाभ उठाएंगे. कृपया इस जानकारी को अपने अन्य किसान साथियों के साथ नीचे दिए गए Facebook, Twitter और WhatsApp बटन पर Click करके share जरूर करें.

 

 

 

केंद्र सरकार की योजनाएं

केंद्र सरकार की योजनायें लगभग सामान्य रूप से पूरे भारतवर्ष लगभग सामान्य रूप से सभी किसानों के लिए चलाई जाती हैं | केंद्र सरकार की इन योजनाओं का लाभ देश के सभी किसान ले सकते हैं | किसान समाधान के इस भाग में आपके लिए केंद्र सरकार की इन योजनओं की जानकरी दी गई हैं आप इन योजनाओं का लाभ ले सकते हैं | तो आइये जानतें हैं इन योजनाओं के बारे में और आप इन योजनाओं का लाभ किस प्रकार ले सकते हैं ?

किसानों को कम अवधि के लिए आसानी से लोन (ऋण) उपलब्ध करवाने के लिए 

कृषि में बढ़ते लागत खर्च तथा वैज्ञानिक तरह से खेती करने के लिए पूंजी की जरुरत होती है | इसके लिए किसान के पास समय पर पैसा मौजूद नहीं रहती है | जिससे किसान समय पर बीज, उर्वरक कीटनाशक, तथा जुताई के लिए उपलब्ध नहीं हो पाता है | इससे फसल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है | जिससे किसान को लोन लेना पड़ता है | यह लोन बैंक या साहूकार से लिया जाता है , जो काफी अधिक ब्याज पर रहता है | अधिक ब्याज पर लोन को ध्यान में रखते हुये सस्ते लोन उपलब्ध करवाने के लिए केंद्र सरकार की एक योजना है किसान क्रेडिट कार्ड योजना | इस योजना से किसान 4 प्रतिशत के ब्याज पर लोन प्राप्त कर सकते हैं |

किसान क्रेडिट कार्ड योजना 

पैसों की कमी फसल उत्पादन में बाधा न बने इसके लिए ऋण योजनायें 

फसल की बुआई के बाद किसानों को खाद उरवर्क, कीटनाशक आदि खेती सम्बन्धी कार्यों के लिए पैसों की आवश्यकता होती है परन्तु किसानों के पास उसके लिए पैसे नहीं होते और उन्हें उधारी पर या ब्याज पर साहूकारों से लोन लेना पढता है सरकार ने किसानों की इस समस्या को रोकने के लिए किसानों के लिए बहुत सी ऋण योजनायें लागु की है जिससे किसान कम अवधि या या वर्ष भर के लिए कम व्याज पर ऋण लेकर उसे फसल बेचने के उपरांत चूका सके | तो जानते हैं ये  कोन सी योजनाएं हैं |

कृषि संचालन के लिए ऋण योजनाएं

किसानों को प्रमाणित बीज या अच्छे किस्मों के बीज सही दामों पर उपलब्ध करवाने के लिए योजना

देश में हो रहे जलवायु परिवर्तन तथा अधिक उत्पादन के साथ साथ रोग रहित फसल के लिए बीज सही हो | बीज रोग मुक्त तथा अधिक उत्पादन देने वाला होना चाहिए के साथ साथ सस्ता तथा आसानी से सभी जगह मिल सके , इसके लिए केंद्र सरकार ने बीज योजना लेकर आई है | इस योजना से किसान प्रमाणित बीज को स्थानीय स्तर पर प्राप्त कर सकते हैं |

जानें क्या है बीज योजना 

आधुनिक खेती के प्रति जागरूकता एवं योजनाओं को सभी किसानों तक पहुँचाने के लिए चल रही योजना 

देश में केंद्रीय स्तर तथा राज्य स्तर पर किसानों के लिए बहुत से योजनाएं चलायें जा रहे हैं | जिसकी जानकारी किसानों को नहीं रहती है तथा कृषि कार्यों में बढ़ते तकनीक तथा विभिन्न समस्याओं (मौसम, कीट, रोग) को ध्यान में रखते हुये केंद्र सरकार ने किसानो को सही समय पर इसकी जानकारी तथा प्रशिक्षण देने की व्यवस्था की गई है | इसके लिए सरकार ने ब्लॉक स्तर पर कृषि विकास अधिकारी की नियुक्ति की है| इस योजना से किसान सरकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर सकता है तथा कृषि कार्यों के लिए प्रशिक्षण प्राप्त कर सकता है |

किसानों के लिए प्रसार एवं प्रशिक्षण योजना 

फसलों के सही दाम सुनिश्चित करने के लिए चल रही योजनायें 

फसल उत्पादन के बाद किसानों को उनकी उपज का सही दाम मिल सके इसके लिए केंद्र सरकार बहुत सी योजनाएं किसान हित में चलाती है | इसके लिए सरकार द्वारा 23 फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य तय किया गया है जिससे किसान को कम से कम फसलो की लागत निकल सके | इसके लिए भी सरकार ने कई योजनायें पूरे देश में लागू करके रखी है |

कृषि के लिए मूल्य नीति

विभिन्न खेती-किसानी में उपयोग होने वाले कृषि यंत्रों के लिए योजना 

आधुनिकता की तरफ बढ़ रहे कृषि के लिए यह जरुरी हो गया है की समय के साथ नये तकनीक को भी अपनाया जाय | इस तकनीक से समय , पैसा तथा प्राकृतिक संसाधन की बचत होती है | दूसरी तरफ कृषि यंत्र की मूल्य इतनी है की किसान इसे खरीद नहीं पाता है | इसके लिए केंद्र सरकार ने राज्यों से सहयता से किसानों के लिए कृषि यंत्र पर अनुदान लेकर आया है | यह कृषि यंत्र किसानों को 25 प्रतिशत से लेकर 90 प्रतिशत की सब्सिडी पर उपलब्ध कराया जा रहा है | जिसे किसान आसानी से खरीद कर उपयोग कर सकते हैं |

कृषि यंत्रीकरण पर उपमिशन (एसएमएएम) के अंतर्गत लागत मानक और सहायता

फसल बेचने के लिए किसानों को बाजार उपलब्ध करवाने के लिए चल रही योजना

भारत देश में अभी भी मंडी की उपलब्धता बहुत कम हैं | किसानों को अभी भी बहुत सी फसलें बेचने के लिय बाजार नहीं मिल पता इसके लिए उन्हें अपनी फसलों को बहुत दूर जाकर बेचना पढता है जिससे बहुत से किसान वहीँ नजदीकी व्यापारी को ही कम दामों पर अपनी फसल बेच देते हैं इसके सरकार कृषि विपणन की व्यवस्था सभी किसानों को उपलब्ध करवाने के लिए यह योजना चला रही है | तो जानते हैं क्या है यह योजना-

कृषि विपणन

पशुपालन एवं दुग्ध उत्पादन को बढ़ाबा देने के लिए योजना

पशुपालन , डेयरी तथा मत्स्य पालन यह सब इस बात पर निर्भर करता है की चारा कितना तथा कैसा उपलब्ध कराया जा रहा है | इसको लेकर केंद्र सरकार ने 200 – 05 से पशुपालन, मत्स्य पालन के लिए चारा की व्यवस्था के लिए तहसील प्रखंड तथा ब्लाक स्तर पर चारा विकास योजना चला रहा है | इसके तहत किसानों को चारा के लिए 50 प्रतिशत का अनुदान दिया जा रहा है तथा पाशों के लिए भूमि संरक्षित किया जा रहा है |

चारा और चारा विकास योजना

 देश में दुग्ध उत्पादन एवं पशुपालन क्षेत्र में रोजगार को बढ़ाने के लिए योजना 

पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए एवं पशुपालन के क्षेत्र में रोजगार के अवसर को बढ़ाने के लिए तथा डेयरी फार्मों का आधुनिक कारन करने के लिए यह योजना चलाई जा रही हैं इस योजना से किसान अपनी खुद की आधुनिक डेयरी खोल सकता हैं एवं उसका क्रियान्वयन कर सकता है | इस योजना के माध्यम से किसान को अनुदान दिये जाने का प्रावधान किया गया है | साथ ही किसान इसके लिए प्रशिक्षण आदि भी ले सकता है |

डेयरी उद्यमिता विकास योजना (डीईडीएस )

फसलों के लिए बीमा योजना

जलवायु में हो रहे परिवर्तन के कारण अधिक वारिश तथा सुखा से कृषि को काफी नुकसान होता है | वैसे स्थिति में किसान का लागत भी नहीं निकाल पाता है | जिससे किसान कर्ज के बोझ तले दब जाता है | केंद्र सरकार ने राज्यों के सहायता से प्राकृतिक आपदा से होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना लेकर आय है | इस योजना के तहत किसानों को खरीफ फसल के लिए 2 प्रतिशत , रबी फसल के लिए 1.5 प्रतिशत तथा बागवानी के लिए 5 प्रतिशत प्रीमियम पर बीमा कवरेज दिया जा रहा है | यह यिजना पुरे देश में लागु है |

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना

फसलों की उत्पादन लागत कम करने हेतु 

कृषि में उत्पादन लागत बढ़ रहा है , जो बेचने में उसकी मूल्य भी नहीं मिल रहा है | इसलिए यह जरुरी है की फसल के लागत मूल्य को कम किया जाय | इसके लिए जैविक कृषि के तरफ बढ़ना होगा | इससे उर्वरक तथा कीटनाशक का पैसा बचेगा | इसके लिए केंद्र सरकार ने समूह में खेती करने वाले किसानों को अधिकतम 10 लाख रूपये का अनुदान दे रही है |

परंपरागत कृषि विकास योजना (पीकेवीवाई)

पशुओं की आकस्मिक मृत्यु होने पर होने वाले नुकसान से बचाने के लिए 

कृषि तथा मानव की बीमा की तरह ही पशु बीमा योजना भी है | इसके तहत पशुओं की बीमा कवरेज दिया जाता है | लेकिन किसानों की आर्थिक कमजोरी के कारण अपने पशुओं की बीमा नहीं करा पाते हैं | इसलिए केंद्र सरकार ने किसानों के लिए पशु धन बीमा योजना लेकर आया है | इसके तहत किसानों के अधिकतम 2 पशु की बीमा किया जायेगा | बीमा का 50 प्रतिशत प्रीमियम केंद्र सरकार देगा | बीमा तिन वर्षों के लिए किया जायेगा |

पशुधन बीमा योजना

खेती बाड़ी में फसलों को रोग एवं कीट से सुरक्षित रखने के लिए योजना

फसलों पर कीट एवं रोगों का प्रकोप हर मौसम में कभी भी हो सकता है ऐसी स्थिति में किसानों की फसलों को बहुत ज्यादा हानि होती हैं कई बार तो पूरी की पूरी फसल बर्बाद हो जाती है | किसानों के पास इतने संसाधन नहीं होते की वह तुरंत कुछ उपाय कर पाए इसके लिए लिए सरकार पौधों को सरक्षण के लिए यंत्र एवं कीटनाशक कीट अनुदान पर एवं सस्ते दरों पर उपलब्ध करवाती है |

पौध सरंक्षण योजना

सिंचाई के लिए किसानों को संसाधन जुटाने के लिए सिंचाई यंत्रों एवं मशीनों पर सब्सिडी के लिए योजनायें 

खेती में आधुनिकता एवं पानी को नुकसान से बचाने एवं सभी किसानों की फसलों को पानी उपलब्ध कराने के लिए यह योजना पूरे भारत वर्ष में चलाई जाती है | इस योजना के अंतर्गत ड्रिप सिंचाई, स्प्रिन्किलर सिंचाई, फब्बारा सिंचाई एवं सुक्ष्म सिंचाई जैसे तत्व शामिल किये गए हैं | इस योजना में किसान सिंचाई सम्बन्धी उपकरणों पर अनुदान पर सिंचाई के साधन ले सकते हैं |

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना एवं अन्य सिंचाई योजनायें 

फूल उत्पादन, सब्जी उत्पादन आदि बागवानी फसलों को बढ़ाबा देने एवं उनके स्टोरेज के लिए योजना 

किसान खाद्यान आधारित कृषि के साथ साथ बागवानी आधरित खेती करने से अतरिक्त आय के अलावा अधिक मुनाफा कमा रहे हैं | इस तरह की खेती के लिए  केंद्र तथा राज्य सरकार मिलकर बागवानी के लिए लागत का 50 से 100 प्रतिशत की सब्सिडी दे रही है | जिसमें पूर्वोतर तथा हिमाचल राज्य के लिए 100 प्रतिशत तथा सेष भारत के लिए 50 प्रतिशत की सब्सिडी दिया जा रहा है | इसका मुख्य उद्देश यह है की देश में फलों की उत्पादन बढ़ाया जाय तथा किसानों को खेती में मुनाफा हो सके |

बागवानी

राष्ट्रीय बागवानी मिशन

मिट्टी के स्वास्थ के लिए  योजनाएं

किसानों के द्वारा अधिक तथा असंतुलित उर्वरक के उपयोग से मिट्टी की सवास्थ खराब हो रही है | जिसके कारण फसलों में अनेक तरह के रोग लग रहे है और इससे उत्पादन बढ़ने की जगह कम हो रहा है | इसके दूसरी तरफ अधिक उर्वरक तथा रोग के लिए कीटनाशक उपयोग करने से कृषि खर्च भी बढ़ रहा है | इस समस्या से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना लेकर आया है | जिसमें किसानों की मिटटी की जाँच बीना किसी शुल्क के किया जायेगा और वह भी जिला तथा तहसील स्तर पर |

मृदा स्वास्थ कार्ड, भूमि सरंक्षण एवं सूक्ष्म पोषक तत्त्व 

देश में कृषि का विस्तार कर उसका विकास करने हेतु 

देश में जिस तेजी से जनसंख्या में वृद्धि हो रही है उस अनुसार खाद्यान की उत्पादन नहीं हो पा रही है | जिससे देश में खाध्य संकट बना हुआ है | इस खाध्य संकट से देश को निकालने के लिए केंद्र सरकार ने 4 प्रतिशत का विकास रखी रखा है | इस योजना के तहत किसानों को पशुपालन, कृषि पोल्ट्री फार्म इत्यादी में वृद्धि के लिए लगातार प्रोत्साहन दिया जा रहा है |

राष्ट्रीय कृषि विकास योजना

फसलों के उत्पादन को बढ़ाने के लिए योजना 

देश में बढती जनसंख्या के कारण सभी को भोजन सुनिक्षित कराने के लिए केंद्र सरकार ने कृषि को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने राष्ट्रीय खाध सुरक्षा मिशन योजना शुरू किया गया है | इस योजना के तहत चावल राष्ट्रीय खाध सुरक्षा मिशन, गेंहू राष्ट्रीय खाध  सुरक्षा मिशन तथा दलहन राष्ट्रीय सुरक्षा मिशन को शामिल किया गया है | इस योजना के तहत चावल के लिए 14 राज्य, गेंहू के लिए 9 राज्य तथा दलहन के लिए 16 राज्यों को शामिल किया गया है |

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन

तिलहन एवं दलहन वाली फसलों का देश में उत्पादन बढ़ाने के लिए 

अभी की कृषि में दलहन तथा तिलहन बीज उपलब्ध करायें जा रहे हैं, उसे दो वर्ष से ज्यादा उपयोग नहीं का र सकते हैं | 2 वर्ष से ज्यादा उपयोग करने पर उत्पादन में कमी आ सकता है | इस लिए वर्ष दर वर्ष नई बीज उपयोग करने उपयोग करना होगा | लेकिन किसान के पास आर्थिक कमजोरी के कारण बीज नहीं खरीद पाती है | इसलिए सरकार राष्ट्रीय तिलहन एवं आयम पाम मिशन लागु किया है | जिससे किसानों को बीज पर अनुदान देकर उपलब्ध कराया जाय |

राष्ट्रीय तिलहन एवं ऑयल पाम मिशन

देश में कृषि में खद्यान, मछली पालन, पशुपालन को एक साथ बढ़ावा देने के लिए चल रही योजना

कृषि में खद्यान, मछली पालन, पशुपालन को एक साथ बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने किसानों के लिए सतत विकास योजना लेकर आया है | इस योजना में तालाब, बागवानी भूमि संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए इस योजना को लाया है | इस योजन के तहत चावल, गेंहू, मोटे तिलहन, रेशम,डाल आधरित दो फसलों वाली कृषि पद्धति के लिए 50 प्रतिशत जो अधिकतम 10,000 / हेक्टयर दिया जायेगा | बागवानी आधारित कृषि पद्धति (पौधारोपण + फसल / फसल पद्धति) के लिए 50 प्रतिशत जो अधिकतम 25,000 / हेक्टयर तक दिया जायेगा | इसी तरह वृक्ष, पशुपालन, मच्छली पालन तथा डेयरी को बदहवा देने के लिए 50 प्रतिशत अनुदान दिया जायेगा |

सतत कृषि

ग्रामीण क्षेत्रों में दवा आदि उपलब्ध करवाने एवं रोजगार उपलब्ध करवाने के लिए योजना 

ग्रामीण क्षेत्रों में किसान कृषि क्लिनिक खोल सके एवं किसानों को आसानी से खेती कार्यों के लिए दवा एवं फसलों के लिए उपुक्त रोग नियंत्रण के लिए सुविधा मिल सके इसके लिए सरकार द्वारा यह योजना चलाई जा रही है |

कृषि क्लीनिक और कृषि कारोबार केंद्र (एसीएबीसी)

शीत भण्डार गृह, गोदाम आदि बागवानी सम्बंधित अधोसरंचना के निर्माण के लिए सहायता 

बागबानी करने एवं उनकी फसलों को भंडारित करने के लिए भंडार गृह बनाने के लिए सर्कार यह योजना लाई है इस योजना में सरकार हित्गारही को अनुदान देती है साथ ही इनकी स्थापना के लिए उनकी मदद करती हैं | जैसा की आप सभी जानते हैं इनके निर्माण में बहुत अधिक पैसा लगता है परन्तु बागबानी फसलों का सही दाम लेने के लिए आवश्यक है

सरकार ने उद्यानिकी विकास हेतु संचालित योजना के अंतर्गत विभिन्न प्रकार की अधोसरंचना तैयार करने के लिए अनुदान दिया जाता हैं | सरकार ने किसानों को अनुदान पर उद्यानिकी सम्बन्धी उद्योग स्थापित करने हेतु सहयता देती है 

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