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21 Aug 2022

जैविक खेती करने के तरीके (Organic farming methods):

जैविक खेती करने के तरीके (Organic farming methods):
जैविक खेती मुख्यतः खेती मे, खेती के पारंपरिक तरीको के इस्तेमाल के साथ साथ खेती के पारिस्थितिक और आधुनिक प्रोधोगिकी ज्ञान का गठबंधन है.जैविक खेती के तरीको को हम agro ecology फील्ड मे पढ़ सकते है.खेती के परंपरागत तरीके मे किसान सिंथेटिक कीटनाशको औए पानी मे घुलनशील कृत्रिम शुध्द उर्वरको का उपयोग करता है, जबकि जैविक खेती मे किसान द्वारा प्रकृतिक कीटनाशको और उर्वरक के प्रयोग का विरोध किया जाता है .जैविक खेती के तरीको मे किसान मुख्यतः फसल चक्रण, जैविक खाद, जैविक किट नियंत्रण और यांत्रिक खेती आदि का उपयोग करते है.इन तरीको  द्वारा फसलों के उत्पादन को बढ़ाने के लिए  प्राकृतिक वातावरण का उपयोग भी आवश्यक है जैसे मिट्टी मे नाइट्रोजन के लेवल को सही करने के लिए फलियो को लगाया जाना, प्राकृतिक कीट शिकारियो का प्रोत्साहन किया जाना, फसलों को घूमना आदि इसमे शामिल है।

जैविक खेती के तरीके (Organic farming methods technique):

फसल विविधता (Crop diversity)  जैविक खेती मे फसल विविधता को प्रोत्साहित किया जाता है, जिसके अनुसार एक ही जगह पर कई फसलों का उत्पादन किया जाता है।
मृदा प्रबंधन (soil management)  मृदा प्रबंधन भूमि प्रबंधन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, इसके प्रयोग से हम भूमि की गुणवत्ता बढ़ा सकते है .इसे करने के लिए हमे मिट्टी के प्रकार और मिट्टी की विशेषताओ पर ध्यान देना आवश्यक है।
खरपतवार प्रबंधन (Weed management)  खरपतवार मतलब अनावश्यक वनस्पति जो कि फसलों या पोधों के मध्य मे अपने आप उग आति है और फसलों को मिलने वाले पोषण को स्वयं उपयोग करती है, जिसका निपटारा भी जैविक खेती मे किया जाता है।
इस प्रकार जैविक खेती के प्रयोग से उत्पादन तो कई गुना बढ़ता ही है, साथ ही साथ वातावरण को भी हानी नहीं पहुचती और खाने के लिए केमिकल मुक्त भोजन भी प्राप्त होता है, जिससे स्वास्थ को भी हानी नहीं होती.आज के समय मे हमारे पास कई ऐसे उदाहरण मौजूद है, जिसने फसलों के उत्पादन को पहले से कई गुना बढ़ा दिया.यही कारण है कि पढे लिखे युवक भी नौकरी छोड़कर खेती की और रुख कर रहे है और कई गुना लाभ कमा रहे है ।
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