10 Jun 2022 · 10:00
Bhagvat Katha
📍 Vrindavan
metungtech.comश्रीमद्भागवतम् पुराण या कथा हिन्दुओं के सबसे प्रसिद्ध अट्ठारह पुराणों में से एक है। इसका मुख्य विषय आध्यात्मिक योग और भक्ति चेतना को जागृत करना है। इस पुराण में भगवान् श्री कृष्ण को सभी देवों में श्रेष्ठ माना गया है। श्रीमद्भागवतम् पुराण के रचयिता श्री वेद व्यास को माना जाता है। इस पुराण में रस भाव की भक्ति का चित्रण बहुत ही सूंदर तरीके से किया गया है। श्रीमद्भागवतम् पुराण के प्रत्येक श्लोक में श्रीकृष्ण के बारे में सम्पूर्ण चित्रण किया गया है। श्रीमद्भागवत कथा सर्व प्रथम भगवान शुकदेव जी द्वारा महाराज परीक्षित को सुनाया गया था। इस पुराण में साधन-ज्ञान, सिद्धज्ञान, साधन-भक्ति, सिद्धा-भक्ति, मर्यादा-मार्ग, अनुग्रह-मार्ग, द्वैत, अद्वैत समन्वय के साथ प्रेरणादायी विविध उपाख्यानों का अद्भुत संग्रह है।
श्रीमद् भागवत कथा में ज्ञान, भक्ति, तथा वैराग्य की महानता के बारे में बताया गया है। इस पुराण में विष्णु और कृष्णावतार की कथाओं के सम्पूर्ण ज्ञान के बारे में वर्णन किया गया हैं। श्रीमद् भागवत पुराण में विद्या का अक्षय भंडार है। यह पुराण सभी प्रकार के कल्याण व सुख देने वाला है।
हिन्दू धर्म में श्रीमद भागवत कथा का महत्व बहुत अधिक हैं। इसकी महत्व हिन्दुओ में इतनी हैं कि हर कोई अपने घर इसका पाठ करवाना चाहता हैं। श्रीमद भागवत कथा सुनाने के लिए लोग बड़े से बड़े विद्वान को बुलाते हैं, जिसे सुनने के लिए लाखो की संख्या में भक्त आते हैं। लेकिन यह कोई नहीं जनता हैं कि श्रीमद भागवत कथा का सर्व प्रथम पाठ किसने किया और किसने सुना ? किसने इस कथा शुरू करने की प्रथा शुरू की।
Organized by: Bhanu Pratap Singh
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